Money Saving Tips: हम सभी नौकरी इसलिए करते हैं ताकि अपनी जरूरतें पूरी कर सकें और भविष्य के लिए कुछ पैसे बचा सकें। लेकिन जब सैलरी कम हो, तो पैसे बचाना किसी पहाड़ चढ़ने से कम नहीं लगता। खासकर उन युवाओं और बैचलर्स के लिए जो अपने घर से दूर किसी दूसरे शहर में फ्लैट या पीजी (PG) लेकर रहते हैं। घर का किराया, राशन, और आने-जाने का खर्च निकालते-निकालते महीने के अंत में बैंक अकाउंट खाली हो जाता है।
घर से दूर रहने और नौकरी करने का क्या फायदा, अगर आप मुसीबत के समय के लिए हर महीने 4-5 हजार रुपये भी नहीं बचा पा रहे हैं? अगर आपकी सैलरी भी 20,000 रुपये है और आप सेविंग नहीं कर पा रहे हैं, तो परेशान मत होइए। आज मैं आपको एक दोस्त की तरह कुछ ऐसे आसान और प्रैक्टिकल तरीके बताऊंगा, जिससे आप हर महीने 5,000 रुपये आसानी से बचा लेंगे और आपका बजट भी नहीं बिगड़ेगा।
पहला नियम: सैलरी आते ही 5 हजार रुपये ‘गायब’ कर दें
पैसे बचाने का सबसे पहला और सुनहरा नियम है- खर्च करने से पहले बचत करना। अक्सर हम सोचते हैं कि महीने भर खर्च करने के बाद जो बचेगा, उसे सेव कर लेंगे। लेकिन ऐसा कभी नहीं होता।
इसलिए, जैसे ही महीने की पहली तारीख को आपके अकाउंट में 20,000 रुपये सैलरी आए, सबसे पहले 5,000 रुपये किसी दूसरे बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर दें। अब दिमाग में यह बैठा लें कि आपकी सैलरी 20 हजार नहीं, बल्कि सिर्फ 15 हजार रुपये ही है।
एक जरूरी टिप: जिस दूसरे अकाउंट में आप सेविंग के पैसे डाल रहे हैं, उसे कभी भी फोन पे, गूगल पे (UPI) से लिंक न करें और उसका एटीएम कार्ड भी अपने पास न रखें। वरना जब भी पैसे कम पड़ेंगे, आप वहां से खर्च कर लेंगे।
खर्चों का गणित: 15 हजार रुपये में कैसे चलाएं पूरा महीना?
अब आपके पास खर्च करने के लिए 15,000 रुपये बचे हैं। आइए समझते हैं कि इसे कैसे मैनेज करना है:
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किराया (Rent): अगर आप अकेले रहते हैं, तो कोशिश करें कि किसी शेयरिंग फ्लैट या पीजी में रहें। एक अच्छे पीजी या शेयरिंग रूम का किराया 5,000 से 6,000 रुपये के बीच आसानी से आ जाता है।
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राशन और खाना (Food): एक अकेले इंसान के पूरे महीने के राशन और खाने का खर्च बहुत आराम से 3,000 से 4,000 रुपये के बीच हो जाता है। अगर आप खुद खाना बनाते हैं, तो यह खर्च और भी कम हो सकता है।
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आने-जाने का खर्च (Travel & Misc): 6 हजार रुपये रेंट और 4 हजार रुपये राशन में खर्च करने के बाद भी आपके पास 5,000 रुपये बचते हैं। इस पैसे को आप ऑफिस आने-जाने (मेट्रो/बस), मोबाइल रिचार्ज और अपनी अन्य छोटी-मोटी जरूरतों के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।
इस तरह आपका 15 हजार रुपये का बजट बिल्कुल सेट हो जाएगा और 5 हजार रुपये की सेविंग भी हो जाएगी।
शॉपिंग ऐप्स और UPI से बनाएं दूरी
आजकल फोन में मौजूद शॉपिंग ऐप्स हमारी बचत के सबसे बड़े दुश्मन हैं। सैलरी आते ही अक्सर युवाओं, खासकर महिलाओं का मन नए कपड़े या गैजेट्स खरीदने का करने लगता है।
अगर आपके फोन में मिंत्रा, अमेजॉन या फ्लिपकार्ट जैसे ऐप्स हैं, तो सबसे पहले उनका नोटिफिकेशन बंद करें। हो सके तो इन ऐप्स को फोन से डिलीट कर दें। अगर आप इन्हें डिलीट नहीं कर सकते, तो कम से कम अपने यूपीआई (UPI) या क्रेडिट कार्ड को इन ऐप्स से अनलिंक (हटा) कर दें। जब आपको पेमेंट करने के लिए बार-बार कार्ड की डिटेल्स भरनी पड़ेगी, तो आपको सोचने का समय मिलेगा और आप फालतू की शॉपिंग करने से बच जाएंगे।
ऑनलाइन पेमेंट कम करें, ‘कैश’ का इस्तेमाल बढ़ाएं
जब से हमारे फोन में यूपीआई (UPI) आया है, पैसे खर्च करना बहुत आसान हो गया है। 10 रुपये की चाय से लेकर 1000 रुपये के पिज्जा तक, हम बस एक क्यूआर कोड (QR Code) स्कैन करते हैं और पैसे कट जाते हैं। इसमें हमें पैसे खर्च होने का दर्द महसूस नहीं होता।
अगर आप सच में पैसे बचाना चाहते हैं, तो ऑनलाइन पेमेंट करना कम कर दें। अपनी जरूरत के हिसाब से महीने की शुरुआत में ही एटीएम से कैश निकाल लें। जब आप अपने हाथ से 500 रुपये का नोट किसी को देते हैं, तो दिमाग आपको संकेत देता है कि आपके पैसे खर्च हो रहे हैं। चूंकि कोई भी इंसान अपनी जेब में बहुत ज्यादा कैश लेकर नहीं चलता, इसलिए जब हाथ में कैश कम होगा, तो आप फालतू के खर्चे भी अपने आप कम कर देंगे।












