Siwan Violence: इन दिनों देश में छात्रों के मुद्दे और उनके विरोध प्रदर्शन लगातार चर्चा में बने हुए हैं। इसी बीच बिहार के सीवान जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने राजनीतिक माहौल को पूरी तरह से गरमा दिया है। सीवान में ‘बिहार बंद’ के दौरान भड़की हिंसा और फायरिंग की खबरों ने सबको हैरान कर दिया है।
इस घटना के बाद कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सीधे तौर पर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी का कहना है कि छात्रों के लिए अब पूरा सिस्टम ही जानलेवा बन चुका है। आइए, बिल्कुल आसान भाषा में समझते हैं कि सीवान में असल में क्या हुआ था, AK-47 से फायरिंग का आरोप क्या है और राहुल गांधी ने सरकार से क्या-क्या सवाल पूछे हैं।
आखिर सीवान में हुआ क्या था? (कैसे भड़की हिंसा)
यह पूरा मामला शनिवार का है, जब छात्रों और युवाओं द्वारा ‘बिहार बंद’ बुलाया गया था। सीवान में यह शांतिपूर्ण दिखने वाला प्रदर्शन अचानक हिंसक हो गया। पुलिस और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच तीखी झड़प शुरू हो गई।
बात इतनी बिगड़ गई कि मौके पर जमकर पथराव हुआ और गोलियां भी चलीं। इस भयानक झड़प में तीन प्रदर्शनकारी छात्रों को गोली लगी है। इसके साथ ही, भीड़ के पथराव में सीवान के एसपी (SP) पूरन कुमार झा और दो डीएसपी सहित करीब 25 पुलिसकर्मी भी घायल हो गए। गोली लगने से घायल हुए तीन छात्रों की पहचान आरिफ (शेख मोहल्ला), बुलेट कुमार गोंड (दरौली) और आकाश कुमार (उत्तर प्रदेश के रायबरेली) के रूप में हुई है। हालत गंभीर होने के कारण तीनों को बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया गया है।
क्या सच में छात्रों पर AK-47 से गोलियां चलीं?
इस घटना ने तूल तब पकड़ा जब बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने यह दावा किया कि पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर सीधे AK-47 से गोलियां चलाई हैं। तेजस्वी के इस बयान के बाद राहुल गांधी ने भी सोशल मीडिया पर यही बात दोहराई। हालांकि, आपको बता दें कि पुलिस ने अभी तक इस बात की कोई पुष्टि नहीं की है कि गोलियां उनकी तरफ से चली थीं या किसी और ने चलाई थीं।
राहुल गांधी का पीएम मोदी से सवाल- ‘वादा कहां गया?’
सीवान की इस घटना के बाद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर एक लंबा पोस्ट लिखकर केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने लिखा कि आज के समय में छात्रों के खिलाफ पूरा का पूरा सिस्टम ही जानलेवा हो गया है।
राहुल गांधी ने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल पूछते हुए कहा, “आपने वादा किया था कि प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर कोई एफआईआर (FIR) दर्ज नहीं की जाएगी और उन्हें रिहा किया जाएगा। वो वादा आखिर कहां गया?” राहुल ने आरोप लगाया कि वादे पूरे करने के बजाय सरकार छात्रों पर एफआईआर दर्ज कर रही है, उन्हें गिरफ्तार कर रही है और उन पर घातक हमले किए जा रहे हैं।
‘दिल्ली से बिहार तक एक ही पैटर्न’
राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में सिर्फ बिहार का जिक्र नहीं किया, बल्कि इसे एक नेशनल मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर ‘पेलेट गन’ (छर्रे वाली बंदूक) का इस्तेमाल किया गया और अब बिहार में AK-47 से गोली चलने की बातें आ रही हैं।
उन्होंने कहा कि चाहे उत्तर प्रदेश हो, पश्चिम बंगाल हो, दिल्ली हो या बिहार… हर जगह छात्रों के साथ एक जैसा ही बर्ताव किया जा रहा है। राहुल गांधी का आरोप है कि सरकार सुधार करने के बजाय सिर्फ छात्रों की आवाज दबाना जानती है। उन्होंने प्रधानमंत्री से मांग की है कि वे देश के छात्रों से माफी मांगें और जिन लोगों ने छात्रों पर हमले किए हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करें।
पुलिस का इस मामले पर क्या कहना है?
इस पूरे बवाल और राजनीतिक आरोपों के बीच सीवान पुलिस का बयान भी सामने आया है। सीवान के एसपी पूरन कुमार झा ने स्पष्ट किया है कि छात्रों को जो गोलियां लगी हैं, वो किसकी थीं और कहां से चलीं, यह अभी तक साफ नहीं हो पाया है।
पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की बहुत बारीकी से जांच की जा रही है और सारे तथ्यों को खंगाला जा रहा है। एसपी ने यह भी बताया कि इस हिंसा और बवाल के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अब तक 65 उपद्रवियों को हिरासत में लिया है।












