Yair Netanyahu on Saudi Pakistan Turkey Deal: इजरायली पीएम बिन्यामिन नेतन्याहू के बेटे याइर नेतन्याहू ने सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के रक्षा समझौते पर सवाल उठाए हैं। जानिए उन्होंने भारत-पाकिस्तान युद्ध को लेकर क्या कहा।
सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच हुए रक्षा समझौते को लेकर इजरायल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू के बेटे याइर नेतन्याहू ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए इस समझौते के संभावित असर को लेकर कई सवाल किए।
याइर नेतन्याहू ने खास तौर पर ईरान, इराक और यमन में सक्रिय मिलिशिया के संभावित हमलों के साथ-साथ भारत और पाकिस्तान के बीच भविष्य में होने वाले किसी संघर्ष का जिक्र किया।
याइर नेतन्याहू ने क्या पूछा?
याइर नेतन्याहू ने सवाल किया कि अगर भविष्य में ईरान, हूती या इराक में मौजूद मिलिशिया सऊदी अरब पर हमला करते हैं, तो क्या तुर्की और पाकिस्तान जवाबी कार्रवाई के तौर पर ईरान, इराक या यमन पर हमला करेंगे?
इसके बाद उन्होंने भारत-पाकिस्तान संबंधों को लेकर भी सवाल उठाया।
उन्होंने पूछा कि अगर भविष्य में भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध होता है, तो क्या तुर्की और सऊदी अरब भारत पर हमला करेंगे?
उनका यह बयान तीनों देशों के बीच हुए नए रक्षा समझौते के संदर्भ में आया है।
क्या है सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान का समझौता?
सऊदी अरब के मक्का में शुक्रवार को सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच एक रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।
रिपोर्टों के मुताबिक, समझौते के तहत तीनों देशों में से किसी एक पर होने वाले हमले को तीनों देशों पर हमला माना जाएगा।
इस समझौते को तीनों देशों के बीच रक्षा सहयोग मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
भारत के लिए क्यों अहम है यह घटनाक्रम?
सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच बढ़ता रक्षा सहयोग भारत के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। खासकर इसलिए क्योंकि तुर्की और पाकिस्तान के बीच पहले से ही करीबी रणनीतिक संबंध रहे हैं।
याइर नेतन्याहू के बयान ने इसी समझौते की व्यावहारिक परिस्थितियों को लेकर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि किसी भविष्य के भारत-पाकिस्तान संघर्ष की स्थिति में समझौते की शर्तें कानूनी या सैन्य रूप से किस तरह लागू होंगी।
अब निगाहें तीनों देशों की भूमिका पर
रक्षा समझौते के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि इसकी शर्तें किसी वास्तविक सैन्य संकट की स्थिति में किस तरह लागू होंगी। याइर नेतन्याहू ने अपने सवालों के जरिए इसी संभावित स्थिति की ओर ध्यान खींचा है। फिलहाल यह साफ नहीं है कि सऊदी अरब, तुर्की या पाकिस्तान ने याइर नेतन्याहू के इन सवालों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है या नहीं।












