• About Us
  • Contact Us
  • Disclaimer
  • Editorial Policy
  • Join Whatsapp and Telegram group
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
  • Terms of Service
Friday, July 3, 2026
  • Login
jansandeshonline hindi news
  • Home
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • खेल
  • जॉब
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • Viral खबरें
  • अध्यात्म
  • एजुकेशन
  • ऑटो
  • टेक Gyan
  • प्रदेश खबरें
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • दिल्ली
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • महाराष्ट्र
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • अरुणाचल प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • हरियाणा
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • हिमाचल प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • जम्मू और कश्मीर
    • झारखंड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • नागालैंड
    • मणिपुर
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • सिक्किम
  • लाइफस्टाइल
No Result
View All Result
  • Home
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • खेल
  • जॉब
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • Viral खबरें
  • अध्यात्म
  • एजुकेशन
  • ऑटो
  • टेक Gyan
  • प्रदेश खबरें
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • दिल्ली
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • महाराष्ट्र
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • अरुणाचल प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • हरियाणा
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • हिमाचल प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • जम्मू और कश्मीर
    • झारखंड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • नागालैंड
    • मणिपुर
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • सिक्किम
  • लाइफस्टाइल
No Result
View All Result
jansandeshonline hindi news
No Result
View All Result
Home राष्ट्रीय

Stray Cattle Menace: सियासत की ‘गौमाता’ और सड़कों का सच: दावों और हकीकत के बीच दम तोड़ता गोवंश

Mehul Pandey by Mehul Pandey
July 3, 2026
in राष्ट्रीय
0
Stray Cattle Menace: सियासत की 'गौमाता' और सड़कों का सच: दावों और हकीकत के बीच दम तोड़ता गोवंश
0
SHARES
7
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

Stray Cattle Menace:  भारतीय राजनीति में गाय केवल एक पशु नहीं, बल्कि आस्था और चुनावी विमर्श का सबसे बड़ा केंद्र बन चुकी है। सत्तारूढ़ दल द्वारा लगातार गाय को ‘गौमाता’ का दर्जा देकर इसके संरक्षण के नाम पर व्यापक राजनीतिक समर्थन जुटाया जाता रहा है। लेकिन जब बात ज़मीनी हकीकत और असल संरक्षण की आती है, तो सरकारी दावों और ज़मीनी हकीकत के बीच एक बहुत गहरी खाई नज़र आती है। राष्ट्रीय राजमार्गों से लेकर गांव की पगडंडियों तक, बेसहारा गोवंश (छुट्टा पशु) आज हादसों का शिकार होकर सड़कों पर दम तोड़ने को मजबूर हैं।

संरक्षण के वादे और ज़मीनी हकीकत

कठोर गोवंश वध निवारण कानूनों के लागू होने के बाद बेसहारा पशुओं की संख्या में बेतहाशा वृद्धि हुई है। नीतियां बनाते समय इस बात का ध्यान नहीं रखा गया कि जो गाय दूध देना बंद कर देगी, या जो नर गोवंश कृषि कार्यों के लिए अनुपयोगी हो जाएगा, उसका क्या होगा। नतीजतन, लोगों ने उन्हें सड़कों पर खुला छोड़ना शुरू कर दिया।

प्रमुख चिंताजनक पहलू:

Also Read

Women Empowerment in UP: 1090 से लेकर IT City तक, अखिलेश यादव ने कैसे बदल दी आधी आबादी की तस्वीर?

Women Empowerment in UP: 1090 से लेकर IT City तक, अखिलेश यादव ने कैसे बदल दी आधी आबादी की तस्वीर?

July 3, 2026
True Crime India: 3 करोड़ के लेनदेन का डर दिखाकर रिटायर्ड कर्मचारी से ठगे 44 लाख

True Crime India: 3 करोड़ के लेनदेन का डर दिखाकर रिटायर्ड कर्मचारी से ठगे 44 लाख

July 3, 2026
  • सड़क दुर्घटनाओं का केंद्र: हाईवे और एक्सप्रेसवे पर अचानक मवेशियों के आ जाने से हर साल हज़ारों गंभीर सड़क हादसे हो रहे हैं। इन हादसों में न केवल बेगुनाह नागरिकों की जान जा रही है, बल्कि गोवंश भी तड़प-तड़प कर मरने को विवश हैं।

  • पॉलीथिन और कचरा खाने की मजबूरी: शहरों में आवारा घूमती गाएं कूड़े के ढेरों में अपना भोजन तलाशने को मजबूर हैं। प्लास्टिक और जहरीला कचरा खाने से इनकी आंतें चोक हो जाती हैं, जिससे इनकी बेहद दर्दनाक मौत होती है।

  • गौशालाओं की बदहाली: सरकारों ने करोड़ों के बजट से गौशालाओं के निर्माण और रखरखाव का दावा तो किया, लेकिन कई मीडिया और प्रशासनिक रिपोर्ट्स में यह सामने आया है कि इनमें क्षमता से अधिक पशुओं को ठूंस कर रखा जाता है। चारे-पानी के अभाव और कीचड़-गंदगी के बीच गौशालाएं जानवरों के लिए सुरक्षित आश्रय के बजाय यातना गृह बन गई हैं।

किसानों का दर्द: खेतों में रतजगा

यह समस्या केवल सड़कों तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले किसानों के लिए यह सबसे बड़ा संकट बन चुकी है।

  1. फसलों की बर्बादी: छुट्टा पशुओं के झुंड रातों-रात किसानों की महीनों की मेहनत (फसल) चट कर जाते हैं।

  2. आर्थिक और शारीरिक बोझ: कड़ाके की ठंड हो या बरसात, किसानों को अपनी फसल बचाने के लिए रात-रात भर खेतों में लाठी लेकर पहरा देना पड़ता है।

  3. कानूनी खौफ: किसान अपने ही खेतों से इन पशुओं को खदेड़ने में डरते हैं, क्योंकि किसी भी प्रकार की चोट लगने पर तथाकथित गौरक्षकों या पुलिस द्वारा पशु क्रूरता के नाम पर कार्रवाई का डर बना रहता है।

रिसर्च और संदर्भ (Contextual Background)

  • पशुधन गणना (Livestock Census): 2019 की 20वीं पशुधन गणना के आंकड़े बताते हैं कि देश में बेसहारा या आवारा मवेशियों की संख्या 50 लाख से अधिक थी, जिसका एक बहुत बड़ा हिस्सा उत्तर भारत के राज्यों में है। वर्तमान में यह संख्या और भी अधिक विकराल हो चुकी है।

  • बजट बनाम क्रियान्वयन: उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों के बजट में बेसहारा गोवंश के रखरखाव के लिए हर साल सैकड़ों करोड़ रुपये आवंटित किए जाते हैं। प्रति गोवंश एक तय राशि (जैसे 30-50 रुपये प्रतिदिन) गौशाला संचालकों को दी जाती है, लेकिन भ्रष्टाचार और प्रशासनिक लापरवाही के कारण यह पैसा गाय के चारे तक नहीं पहुंच पाता।

  • नीतिगत विफलता: गोवंश संरक्षण के लिए जिस ‘समग्र पुनर्वास नीति’ (Holistic Rehabilitation Policy) की आवश्यकता थी, वह सिरे से गायब है। केवल वध रोकने के कानून बना देने से गाय का संरक्षण नहीं हो जाता, जब तक कि उनके भरण-पोषण का एक स्थायी और व्यावहारिक आर्थिक मॉडल न तैयार किया जाए।

आस्था के नाम पर वोट मांगना और राजनीति करना आसान है, लेकिन एक जीव के प्रति सच्ची संवेदनशीलता दिखाना कठिन। जब तक गोवंश संरक्षण को एक भावनात्मक या राजनीतिक मुद्दे से निकालकर एक व्यावहारिक प्रशासनिक और कृषि-अर्थशास्त्र की समस्या के रूप में नहीं देखा जाएगा, तब तक यह स्थिति नहीं सुधरेगी। ‘गौमाता’ के नाम पर राजनीति करने वाले दलों को यह समझना होगा कि गाय का असली सम्मान नारों में नहीं, बल्कि उन्हें सड़कों पर कचरा खाने और हादसों में मरने से बचाने में है।

ShareTweetPin
Mehul Pandey

Mehul Pandey

Related Posts

Women Empowerment in UP: 1090 से लेकर IT City तक, अखिलेश यादव ने कैसे बदल दी आधी आबादी की तस्वीर?

Women Empowerment in UP: 1090 से लेकर IT City तक, अखिलेश यादव ने कैसे बदल दी आधी आबादी की तस्वीर?

by Priyanshi Singh
July 3, 2026
0

Women Empowerment in UP: किसी भी समाज या देश की तरक्की का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है...

True Crime India: 3 करोड़ के लेनदेन का डर दिखाकर रिटायर्ड कर्मचारी से ठगे 44 लाख

True Crime India: 3 करोड़ के लेनदेन का डर दिखाकर रिटायर्ड कर्मचारी से ठगे 44 लाख

by Mayank Gaur
July 3, 2026
0

True Crime India: आज के डिजिटल दौर में जहां हमारी जिंदगी बहुत आसान हो गई है, वहीं खतरे भी उतने...

BAT-BMS App: कैसे एक चीनी ऐप से बीच सड़क पर रुक रहे हैं ई-रिक्शा?

BAT-BMS App: कैसे एक चीनी ऐप से बीच सड़क पर रुक रहे हैं ई-रिक्शा?

by Mehul Pandey
July 3, 2026
0

BAT-BMS App: सोचिए आप किसी ई-रिक्शा (E-rickshaw) में बैठकर अपने ऑफिस या बाजार जा रहे हैं। अचानक से सड़क के...

Ethanol Blending: क्या इथेनॉल से कम होता है कार का माइलेज?

Ethanol Blending: क्या इथेनॉल से कम होता है कार का माइलेज?

by Kavita Kelkar
July 3, 2026
0

Ethanol Blending: आज के समय में पेट्रोल पंप पर जाते ही हमें 'E20' लिखा हुआ पेट्रोल मिलता है। ई20 (E20) का...

Tamil Nadu Politics: थलापति विजय की सरकार गिराने की बड़ी साजिश, विधायक को मिला 35 करोड़ का ऑफर

Tamil Nadu Politics: थलापति विजय की सरकार गिराने की बड़ी साजिश, विधायक को मिला 35 करोड़ का ऑफर

by Mayank Gaur
July 2, 2026
0

Tamil Nadu Politics: तमिलनाडु की राजनीति इन दिनों किसी सस्पेंस थ्रिलर फिल्म से कम नहीं लग रही है। जब से...

Next Post
Law and Order in UP: क्या सिर्फ कागजों और विज्ञापनों में सिमट गई है यूपी की कानून व्यवस्था? पढ़ें दावों और हकीकत का पूरा विश्लेषण

Law and Order in UP: क्या सिर्फ कागजों और विज्ञापनों में सिमट गई है यूपी की कानून व्यवस्था? पढ़ें दावों और हकीकत का पूरा विश्लेषण

Offbeat Uttarakhand: ऋषिकेश जा रहे हैं? इस बार वहां की भीड़ छोड़कर 300 रुपये में पहुंचें कुनकली गांव

Offbeat Uttarakhand: ऋषिकेश जा रहे हैं? इस बार वहां की भीड़ छोड़कर 300 रुपये में पहुंचें कुनकली गांव

RECOMMENDED

SSY vs Mutual Fund SIP: बेटी के भविष्य के लिए कहाँ मिलेगा सबसे ज्यादा पैसा? आसान भाषा में समझें पूरा गणित

SSY vs Mutual Fund SIP: बेटी के भविष्य के लिए कहाँ मिलेगा सबसे ज्यादा पैसा? आसान भाषा में समझें पूरा गणित

July 3, 2026
Women Empowerment in UP: 1090 से लेकर IT City तक, अखिलेश यादव ने कैसे बदल दी आधी आबादी की तस्वीर?

Women Empowerment in UP: 1090 से लेकर IT City तक, अखिलेश यादव ने कैसे बदल दी आधी आबादी की तस्वीर?

July 3, 2026

    MOST VIEWED

    • UP Election 2027: अखिलेश यादव के 'PDA' में हुई इस नई एंट्री ने बढ़ाई BJP और राजभर की टेंशन

      UP Election 2027: अखिलेश यादव के ‘PDA’ में हुई इस नई एंट्री ने बढ़ाई BJP और राजभर की टेंशन

      0 shares
      Share 0 Tweet 0
    • Pakistan Water Crisis: 21% पानी की कमी से लेकर 99% डैम फुल होने तक की पूरी कहानी, लेकिन असली खतरा अभी बाकी है

      0 shares
      Share 0 Tweet 0
    • Ayodhya Ram Mandir Theft: आपस की लड़ाई ने खोली पोल, 50 गुना बढ़ गई संदिग्धों की संपत्ति, पढ़ें SIT जांच के बड़े खुलासे

      0 shares
      Share 0 Tweet 0
    • Kanpur Property Rules: भूलकर भी न खरीदें ऐसी जमीन, वरना जीवन भर की पूंजी हो जाएगी बर्बाद

      0 shares
      Share 0 Tweet 0
    • Cabinet Expansion News: महाराष्ट्र और बंगाल के नेताओं की लगेगी लॉटरी, श्रीकांत शिंदे बन सकते हैं कैबिनेट मंत्री

      0 shares
      Share 0 Tweet 0
    Jansandeshonline

    Jan Sandesh Online is India’s fastest growing News Portal with over 150+ news each day. We cover all major hindi news ranging from National news to International news. Our team constantly publishes latest news to keep you updated.

    • About Us
    • Contact Us
    • Disclaimer
    • Editorial Policy
    • Join Whatsapp and Telegram group
    • Privacy Policy
    • Terms and Conditions
    • Terms of Service
    SSY vs Mutual Fund SIP: बेटी के भविष्य के लिए कहाँ मिलेगा सबसे ज्यादा पैसा? आसान भाषा में समझें पूरा गणित

    SSY vs Mutual Fund SIP: बेटी के भविष्य के लिए कहाँ मिलेगा सबसे ज्यादा पैसा? आसान भाषा में समझें पूरा गणित

    July 3, 2026
    Women Empowerment in UP: 1090 से लेकर IT City तक, अखिलेश यादव ने कैसे बदल दी आधी आबादी की तस्वीर?

    Women Empowerment in UP: 1090 से लेकर IT City तक, अखिलेश यादव ने कैसे बदल दी आधी आबादी की तस्वीर?

    July 3, 2026
    Offbeat Uttarakhand: ऋषिकेश जा रहे हैं? इस बार वहां की भीड़ छोड़कर 300 रुपये में पहुंचें कुनकली गांव

    Offbeat Uttarakhand: ऋषिकेश जा रहे हैं? इस बार वहां की भीड़ छोड़कर 300 रुपये में पहुंचें कुनकली गांव

    July 3, 2026
    • About Us
    • Contact Us
    • Disclaimer
    • Editorial Policy
    • Join Whatsapp and Telegram group
    • Privacy Policy
    • Terms and Conditions
    • Terms of Service

    © 2026 Jansandesh Online - All Rights Reserved.

    Welcome Back!

    Login to your account below

    Forgotten Password?

    Retrieve your password

    Please enter your username or email address to reset your password.

    Log In
    No Result
    View All Result
    • Home
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • खेल
    • जॉब
    • बिजनेस
    • मनोरंजन
    • Viral खबरें
    • अध्यात्म
    • एजुकेशन
    • ऑटो
    • टेक Gyan
    • प्रदेश खबरें
      • उत्तर प्रदेश
      • उत्तराखंड
      • दिल्ली
      • पंजाब
      • पश्चिम बंगाल
      • बिहार
      • महाराष्ट्र
      • छत्तीसगढ़
      • राजस्थान
      • अरुणाचल प्रदेश
      • मध्य प्रदेश
      • हरियाणा
      • असम
      • आंध्र प्रदेश
      • हिमाचल प्रदेश
      • ओडिशा
      • कर्नाटक
      • केरल
      • गुजरात
      • गोवा
      • जम्मू और कश्मीर
      • झारखंड
      • तमिलनाडु
      • तेलंगाना
      • त्रिपुरा
      • नागालैंड
      • मणिपुर
      • मिजोरम
      • मेघालय
      • सिक्किम
    • लाइफस्टाइल

    © 2026 Jansandesh Online - All Rights Reserved.