UP Weather Update: पिछले कई हफ्तों से उत्तर प्रदेश की जनता जिस मानसून (Monsoon) का बेसब्री से इंतजार कर रही थी, वह अब पूरी तरह से राज्य में सक्रिय हो गया है। लगातार हो रही झमाझम बारिश ने लोगों को जानलेवा गर्मी और चिपचिपी उमस से तो बहुत बड़ी राहत दी है, लेकिन यह बारिश अपने साथ कई इलाकों में भारी तबाही भी लेकर आई है।
गुरुवार को यूपी के कई हिस्सों में आसमान से पानी नहीं, बल्कि मानो आफत बरसी। जलभराव, टूटी सड़कें और बिजली गिरने की घटनाओं ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। हालात इतने बिगड़ गए हैं कि प्रशासन को कई जिलों में स्कूलों की छुट्टी करनी पड़ी है। आइए, एक दोस्त की तरह बिल्कुल आसान भाषा में समझते हैं कि मौसम विभाग का नया अलर्ट क्या है, किन जिलों में स्कूल बंद हैं और आपके शहर का मौसम आने वाले दिनों में कैसा रहने वाला है।
राहत या आफत? 14 लोगों को गंवानी पड़ी जान
बारिश में पकौड़े खाना और चाय पीना सबको अच्छा लगता है, लेकिन यही बारिश जब हादसों का कारण बनती है, तो दिल दहल जाता है। गुरुवार को प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश से जुड़े हादसों में 14 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई।
सबसे ज्यादा नुकसान पूर्वांचल के इलाकों में हुआ है।
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बिजली गिरने का कहर: गोरखपुर और बस्ती मंडल में आकाशीय बिजली (गाज) गिरने से 8 लोगों की जान चली गई।
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दीवार ढहने से मौत: लगातार हो रही बारिश से पुरानी दीवारें कमजोर हो जाती हैं। बुलंदशहर में एक दीवार गिरने से 2 लोगों की मौत हो गई। इसके अलावा अन्य जिलों से भी बारिश के कारण जान-माल के नुकसान की खबरें आई हैं।
बच्चों के लिए अपडेट: किन-किन जिलों में बंद कर दिए गए हैं स्कूल?
लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और जलभराव को देखते हुए प्रशासन कोई रिस्क नहीं लेना चाहता। बच्चों की सुरक्षा को सबसे ऊपर रखते हुए पश्चिमी यूपी के कई जिलों में आज (शुक्रवार) स्कूलों में छुट्टी (School Holiday) घोषित कर दी गई है। अगर आप भी अपने बच्चों को स्कूल भेजने वाले हैं, तो यह लिस्ट जरूर चेक कर लें:
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मेरठ, गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर और कासगंज: इन जिलों में नर्सरी से लेकर 12वीं क्लास तक के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूल बंद रहेंगे।
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बिजनौर और सहारनपुर: यहां भी सभी स्कूलों में पूर्ण अवकाश (छुट्टी) घोषित कर दिया गया है।
क्या है मौसम विभाग का ताज़ा अलर्ट? (46 जिलों में चेतावनी)
अगर आपको लगता है कि बारिश का यह दौर आज थम जाएगा, तो आप गलत हैं। मौसम विभाग (IMD) ने शुक्रवार के लिए प्रदेश के 46 जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
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ऑरेंज अलर्ट (ज्यादा खतरा): कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बिजनौर, मुरादाबाद, बरेली, पीलीभीत, बदायूं और इनके आस-पास के इलाकों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। यहां लोगों को बहुत सतर्क रहने की जरूरत है।
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येलो अलर्ट (सावधानी बरतें): लखनऊ, कानपुर, अयोध्या, गोरखपुर, मेरठ, अलीगढ़, हापुड़, गाजियाबाद समेत करीब 34 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां भी रुक-रुक कर तेज बारिश और आंधी की पूरी संभावना है।
बिजनौर में टूटा 1952 का रिकॉर्ड: जानें कहां कितनी बारिश हुई?
इस बार बादल ऐसे बरसे हैं कि सालों पुराने रिकॉर्ड टूट गए हैं। पिछले 24 घंटों के आंकड़ों पर नजर डालें तो बिजनौर के नजीबाबाद में सबसे ज्यादा 306 मिलीमीटर (mm) बारिश दर्ज की गई है। आपको जानकर हैरानी होगी कि साल 1952 के बाद बिजनौर में यह तीसरी सबसे बड़ी बारिश है।
इसके अलावा एटा में 222 मिमी, संभल में 204 मिमी, आगरा में 146 मिमी और महाराजगंज में 104 मिमी बारिश दर्ज की गई है।
अचानक कैसे इतना लुढ़क गया तापमान?
इस भारी बारिश का एक अच्छा असर यह हुआ कि कई जिलों में तापमान (Temperature) सामान्य से बहुत नीचे आ गया है।
मसलन, अलीगढ़ में तापमान 9.4 डिग्री, मेरठ में 8.3 डिग्री और मुजफ्फरनगर में 7.6 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है। कानपुर, इटावा और बरेली के लोग भी अब बिना एसी और कूलर के आराम से सो पा रहे हैं। राजधानी लखनऊ में भी गुरुवार दोपहर बाद मूसलाधार बारिश हुई, जिससे अधिकतम तापमान गिरकर 33 डिग्री सेल्सियस पर आ गया।
आगे कैसा रहेगा मौसम और कैसे करें बचाव?
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, यह मानसूनी बारिश अभी रुकने वाली नहीं है। 13 जुलाई तक पूर्वी और पश्चिमी यूपी के ज्यादातर जिलों में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा और अच्छी बारिश होगी।
कैसे बचें?
चूंकि बिजली गिरने और दीवार ढहने के मामले बढ़ रहे हैं, इसलिए हमारी आपसे गुजारिश है कि बारिश के दौरान किसी भी पुराने पेड़ या जर्जर (कमजोर) दीवार के पास खड़े न हों। अगर बहुत जरूरी न हो, तो तेज बारिश में सफर करने से बचें। अपने मोबाइल को चार्ज रखें और मौसम के ताज़ा अपडेट्स पर नजर बनाए रखें। सुरक्षित रहें….










