Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या का राम मंदिर पूरे देश की आस्था का सबसे बड़ा केंद्र है। एक आम इंसान अपनी गाढ़ी कमाई में से भगवान राम के लिए खुशी-खुशी दान देता है। लेकिन पिछले कुछ दिनों से राम मंदिर के चढ़ावे में चोरी और हेराफेरी की खबरों ने हर रामभक्त को हैरान कर दिया है।
इस मुद्दे पर अब अयोध्या से लेकर दिल्ली तक राजनीति पूरी तरह गरमा चुकी है। जहां एक तरफ ‘श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट’ के महासचिव चंपत राय इस विवाद से बेहद आहत हैं और ‘एकांतवास’ में चले गए हैं, वहीं दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता अरविंद केजरीवाल और समाजवादी पार्टी (SP) ने इस मामले में बड़े दावे कर दिए हैं। आइए, एक दोस्त की तरह बिल्कुल आसान भाषा में समझते हैं कि चंपत राय ने अपने बचाव में क्या कहा है और विपक्ष इस मुद्दे पर क्या सवाल उठा रहा है।
चंपत राय का दर्द: ‘कलंक लेकर अयोध्या से नहीं जाऊंगा’
राम मंदिर में चंदा और चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद सबसे ज्यादा उंगलियां मंदिर ट्रस्ट के कामकाज पर उठ रही हैं। इन लगातार उठते सवालों के बीच ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय काफी दुखी हैं।
सूत्रों के मुताबिक, चंपत राय इन दिनों ‘एकांतवास’ (सबसे अलग-थलग) में हैं और किसी से ज्यादा मिल-जुल नहीं रहे हैं। उन्होंने अपने बेहद करीबी लोगों से बातचीत में अपना दर्द साझा किया है। चंपत राय ने कहा, “अयोध्या में मेरी सेवा अब पूरी हो चुकी है, राम मंदिर बन गया है। लेकिन मैं अपने माथे पर कलंक लेकर अयोध्या से वापस नहीं जाऊंगा।”
उन्होंने यह भी बताया कि इस पूरे मामले में टिन्नू यादव नाम के शख्स ने उन्हें धोखा दिया है और उन्हें टिन्नू से ऐसी बिल्कुल उम्मीद नहीं थी। चंपत राय फिलहाल एसआईटी (SIT) की फाइनल रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। माना जा रहा है कि रिपोर्ट आने के बाद ही वह अपना पक्ष जनता के सामने रखेंगे।
80 की उम्र, सादा कमरा और भगवान राम पर भरोसा
चंपत राय की उम्र 80 साल हो चुकी है। वह तीर्थ क्षेत्र पुरम में जिस कमरे में रहते हैं, वह किसी वीआईपी (VIP) का नहीं, बल्कि एक बेहद साधारण सा कमरा है। उनके बिस्तर के ठीक पास भगवान राम की एक छोटी सी मूर्ति रखी है।
जब उनसे मिलने गए कुछ करीबी लोगों ने उनके गिरते स्वास्थ्य और इन गंभीर आरोपों को लेकर चिंता जताई, तो चंपत राय ने एक बहुत ही गहरी बात कही। उन्होंने भगवान राम की मूर्ति की तरफ इशारा करते हुए कहा, “मुझे किस बात की चिंता है? जिसने ये आरोप लगवाए हैं, वही भगवान इन आरोपों को हटाएंगे।” उनका यह बयान बताता है कि उन्हें अब सिर्फ एसआईटी और ईश्वर के फैसले का इंतजार है।
अरविंद केजरीवाल का सस्पेंस: ‘आज करूंगा बड़ा खुलासा’
एक तरफ अयोध्या में जांच चल रही है, तो दूसरी तरफ दिल्ली से आम आदमी पार्टी के संयोजक और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक बड़ा दावा करके सनसनी मचा दी है।
केजरीवाल ने कहा है कि कुछ दिन पहले किसी अनजान व्यक्ति ने उन्हें राम मंदिर से जुड़ी कुछ बहुत ही अहम जानकारी दी थी। शुरुआत में उन्हें खुद इस जानकारी पर यकीन नहीं हुआ। लेकिन पिछले कुछ दिनों में जब उन्होंने अपनी तरफ से उस जानकारी की पड़ताल (पुष्टि) की, तो वह बात सच निकली। केजरीवाल ने कहा है कि वह आज उस जानकारी और सबूतों को पूरे देश के सामने साझा करेंगे। उनके इस बयान के बाद सियासी गलियारों में बेचैनी बढ़ गई है।
रामगोपाल यादव का वार: ‘इसमें कई बड़े लोग शामिल हैं’
इस पूरे विवाद में समाजवादी पार्टी भी हमलावर है। सपा के वरिष्ठ नेता प्रोफेसर रामगोपाल यादव ने सीधा आरोप लगाया है कि मंदिर के चढ़ावे की चोरी में चंपत राय अकेले नहीं हैं, बल्कि इसके पीछे कई ‘बड़े-बड़े लोग’ शामिल हैं।
उन्होंने 90 के दशक के राम मंदिर आंदोलन की याद दिलाते हुए कहा कि जब मुलायम सिंह यादव उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे, तब पूरे देश में ईंटें पूजी जा रही थीं। रामगोपाल यादव ने बताया कि भले ही उनकी पार्टी उस आंदोलन के पक्ष में नहीं थी, लेकिन जब चंदा मांगने वाले उनके घर आए, तो उन्होंने भी अपनी जेब से चंदा दिया था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि उस पुराने चंदे का आज तक कोई हिसाब-किताब नहीं मिला है।
राम मंदिर के चढ़ावे में हुई गड़बड़ी का यह मामला अब एक बहुत ही नाजुक मोड़ पर पहुंच गया है। चंपत राय एसआईटी की रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं, ताकि वह खुद को बेदाग साबित कर सकें। वहीं, अरविंद केजरीवाल के होने वाले खुलासे और सपा के तीखे हमलों ने इस मामले को पूरी तरह से राजनीतिक रंग दे दिया है। करोड़ों रामभक्तों की आस्था के इस पैसे का पूरा हिसाब होना ही चाहिए। अब देखना यह है कि एसआईटी की फाइनल जांच में किन-किन लोगों के चेहरे बेनकाब होते हैं।











