ब्राजील की रहने वाली टैटू आर्टिस्ट लाविनिया मेस्किटा ने अपनी दोनों आंखों के सफेद हिस्से (स्क्लेरा) में काला टैटू करवा लिया है, जिसके बाद अब वह भारी दिक्कतों का सामना कर रही हैं। सोशल मीडिया पर ‘लव मेडुसा’ नाम से मशहूर लाविनिया ने करीब दो महीने पहले यह टैटू बनवाया था, लेकिन अब रोने पर उनकी आंखों से ‘काले आंसू’ निकल रहे हैं और उनकी आंखों की रोशनी जाने तक की नौबत आ गई है।
इस खतरनाक फैशन के कारण लाविनिया की जिंदगी पूरी तरह से प्रभावित हो गई है और अब उन्हें इस फैसले पर गहरा पछतावा हो रहा है।
आंखों के टैटू से बिगड़ी जिंदगी, रोने पर निकल रहे ‘काले आंसू’
ब्राजील की टैटू आर्टिस्ट लाविनिया मेस्किटा के लिए आंखों में टैटू बनवाने का शौक अब एक बड़ी सजा बन चुका है। लाविनिया ने करीब दो महीने पहले अपने दोनों आंखों के सफेद हिस्सों को काला कराने के लिए आईबॉल टैटू बनवाया था। इस टैटू के बाद से ही उनकी दुनिया पूरी तरह बदल गई है। वे बताती हैं कि अब उन्हें सब कुछ बेहद धुंधला सा और केवल ब्लैक-एंड-व्हाइट दिखाई देता है। इसके साथ ही जब भी वे रोती हैं, तो उनकी आंखों से काले रंग के आंसू निकलते हैं, जिसने उन्हें और उनके परिवार को हिलाकर रख दिया है।
नौकरी जाने से लेकर बच्चों के डरने तक, भुगतने पड़ रहे ये परिणाम
इस अजीबोगरीब और खतरनाक शौक का लाविनिया के सामाजिक और पेशेवर जीवन पर बेहद बुरा असर पड़ा है। चेहरे और आंखों पर टैटू होने के कारण अब कोई भी कंपनी उन्हें नौकरी देने को तैयार नहीं है। टैटू की दुनिया में इस तरह के टैटू को ‘जॉब स्टॉपर’ कहा जाता है, जो करियर को पूरी तरह प्रभावित कर देता है। एक सर्वे के अनुसार, लगभग 76 प्रतिशत लोग मानते हैं कि ऐसे टैटू इंटरव्यू में रिजेक्शन का सबसे बड़ा कारण बनते हैं।
इसके अलावा, लाविया की निजी जिंदगी भी पूरी तरह प्रभावित हुई है। पूरी आंख काली होने के कारण जब वे किसी से बात करती हैं, तो सामने वाले को समझ ही नहीं आता कि वे कहाँ देख रही हैं। लोग उन्हें देखकर ‘राक्षस’ और ‘शैतान’ कहकर पुकारते हैं, जिससे उनका दिल टूट जाता है। यहाँ तक कि उनके खुद के बच्चे भी उनका चेहरा देखकर खौफ से रोने लगते हैं और रात को उनकी आंखों के डरावने सपने देखकर जाग जाते हैं। अब वे सड़क पर चलते हुए ट्रैफिक लाइट या साइनबोर्ड तक नहीं पढ़ सकती हैं और फोन चलाने व मैसेज टाइप करने के लिए भी दूसरों पर निर्भर हो गई हैं।
डॉक्टरों की चेतावनी- हमेशा के लिए जा सकती है आंखों की रोशनी
इस पूरे मामले पर ऑस्ट्रेलिया के प्रसिद्ध आई-स्पेशलिस्ट डॉ. बेन लाहूड का कहना है कि टैटू के शुरुआती दिनों में काले आंसू आना स्वाभाविक है, क्योंकि इंक को आंख की गहराई में डाला जाता है। लेकिन अगर लाविनिया को लगता है कि बार-बार रोने से यह स्याही बाहर निकल जाएगी, तो वे पूरी तरह गलत हैं। डॉक्टर ने गंभीर चेतावनी दी है कि यदि टैटू की सुई ने आंख के सबसे नाजुक हिस्से यानी ‘रेटिना’ को जरा सा भी नुकसान पहुंचाया या कोई संक्रमण फैल गया, तो व्यक्ति हमेशा के लिए अंधा हो सकता है।
डॉक्टर ने यह भी स्पष्ट किया कि मेडिकल साइंस में गंभीर चोट या पुरानी सर्जरी के निशानों को छिपाने के लिए डॉक्टर स्वयं सुरक्षित तरीके से आंखों में टैटू (कॉर्नियल टैटू) करते हैं ताकि मरीज का रूप ठीक किया जा सके। लेकिन सोशल मीडिया पर लाइक्स और फॉलोअर्स के चक्कर में बिना किसी मेडिकल देखरेख के ऐसा खतरनाक शौक पालना जिंदगी को दांव पर लगाने जैसा है।
FAQ:
Q1: आईबॉल टैटू करवाने के बाद लाविनिया मेस्किटा को किन स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है?
A1: लाविनिया को सब कुछ धुंधला और केवल ब्लैक-एंड-व्हाइट दिखाई दे रहा है, उनकी आंखों की रोशनी जाने का खतरा पैदा हो गया है, और रोने पर उनकी आंखों से काले आंसू निकल रहे हैं। वे ट्रैफिक लाइट या बोर्ड तक नहीं पढ़ पा रही हैं।
Q2: लाविनिया के पेशेवर जीवन पर इस टैटू का क्या प्रभाव पड़ा है?
A2: इस टैटू के बाद लाविनिया को कोई भी कंपनी नौकरी देने के लिए तैयार नहीं है। टैटू की दुनिया में आंख और चेहरे के टैटू को ‘जॉब स्टॉपर’ कहा जाता है, जिसके कारण इंटरव्यू में उम्मीदवारों को तुरंत रिजेक्ट कर दिया जाता है।
Q3: आई-स्पेशलिस्ट डॉ. बेन लाहूड ने आंखों के टैटू को लेकर क्या चेतावनी दी है?
A3: डॉ. बेन लाहूड ने चेतावनी दी है कि यदि टैटू की सुई आंख के सबसे नाजुक हिस्से यानी ‘रेटिना’ को जरा सा भी नुकसान पहुंचाती है, या आंख में गंभीर संक्रमण फैलता है, तो व्यक्ति हमेशा के लिए अंधा हो सकता है।













