तेहरान के ग्रैंड मोसाला में आयोजित ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के ऐतिहासिक जनाजे में उनके तीन बेटे रोते हुए शामिल हुए, लेकिन देश के नवनियुक्त सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई इस दौरान कहीं नजर नहीं आए। 28 फरवरी के अमेरिकी-इजरायली हमले में पिता की मौत के बाद मोजतबा को नया सुप्रीम लीडर चुना गया था, लेकिन वह इस बड़े अवसर पर भी पूरी तरह नदारद रहे। ईरान का दावा है कि सुरक्षा कारणों और इजरायली हमले के खतरे के चलते मोजतबा इसमें शामिल नहीं हुए हैं, जबकि सोशल मीडिया और अंतरराष्ट्रीय मीडिया में उनके गंभीर रूप से घायल होने को लेकर तमाम अटकलें लगाई जा रही हैं।
28 फरवरी के बाद से सार्वजनिक रूप से नहीं दिखे मोजतबा
पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद मोजतबा खामेनेई को 8 मार्च को ईरान का नया सुप्रीम लीडर चुना गया था। 12 मार्च को उन्होंने अपना पहला लिखित संदेश जारी किया था, जिसमें उन्होंने अमेरिका और इजरायल से ‘बदला’ लेने की बात कही थी। हालांकि, 28 फरवरी के भीषण अमेरिकी-इजरायली हमले के बाद से वह एक बार भी सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए हैं। मोजतबा द्वारा जारी किए गए दर्जनों संदेश केवल लिखित रूप में रहे हैं, जिन्हें सरकारी टीवी पर एंकरों द्वारा पढ़ा जाता है।
हाल ही में 18 जून को उनका एक महत्वपूर्ण बयान सामने आया था, जिसमें मोजतबा ने कहा था कि युद्ध खत्म करने के लिए अमेरिका के साथ बातचीत को उन्होंने अपनी मंजूरी दे दी है, भले ही इस मुद्दे पर उनकी व्यक्तिगत राय अलग थी। अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी एएफपी (AFP) की एक रिपोर्ट के अनुसार, 28 फरवरी के हमले के बाद से इस बात का कोई पक्का सबूत नहीं मिला है कि मोजतबा पूरी तरह ठीक हैं या नहीं। उस हमले में मोजतबा की पत्नी जहरा हद्दाद आदेल और उनके परिवार के अन्य सदस्य मारे गए थे।
गंभीर रूप से घायल होने के दावों पर छिड़ी बहस
मोजतबा खामेनेई के सामने न आने की बड़ी वजह उनके गंभीर रूप से घायल होने को भी बताया जा रहा है। कई ईरानी अधिकारियों ने स्वीकार किया है कि 28 फरवरी के हमले में मोजतबा घायल हुए थे। 11 अप्रैल को समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने करीबी सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट दी थी कि उस हमले में मोजतबा बुरी तरह जख्मी हुए थे, जिससे उनका चेहरा बिगड़ गया था और संभवतः उनका एक पैर भी कट गया था। हालांकि, रिपोर्ट में कहा गया था कि वे मानसिक रूप से पूरी तरह सचेत हैं और ऑडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सैन्य और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठकें कर रहे हैं।
इससे पहले 13 मार्च को अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने भी मोजतबा के चेहरे और शरीर पर गंभीर चोटों का दावा किया था। वहीं, 7 जून को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक इंटरव्यू में कहा था कि इस बात की पूरी संभावना है कि मोजतबा बहुत गंभीर रूप से घायल हैं।
कमजोर छवि दिखाने से बचना चाहता है ईरान
रविवार को जब पूर्व सुप्रीम लीडर का पार्थिव शरीर तेहरान के ग्रैंड मोसाला लाया गया, तो उनके तीन बेटे मुस्तफा, मैसम और मसूद ताबूतों के पास फूट-फूटकर रोते दिखाई दिए। जनाजे में शामिल लाखों लोग नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की एक झलक पाने की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन उनकी यह इच्छा अधूरी रह गई।
विशेषज्ञों का कहना है कि मोजतबा के सामने न आने की मुख्य वजह उनकी सुरक्षा तो है ही, साथ ही उनकी शारीरिक चोटें भी हैं। सेंटर फॉर इंटरनेशनल पॉलिसी के सीनियर फेलो नेगार मुर्तजावी के अनुसार, जब ईरान पूरी दुनिया के सामने अपनी मजबूती, एकता और ताकत का प्रदर्शन करना चाहता है, तब एक गंभीर रूप से घायल सुप्रीम लीडर को सामने लाकर वे देश की कोई कमजोर छवि नहीं दिखाना चाहते। नए सुप्रीम लीडर इस समय इजरायल के सबसे बड़े निशानों में से एक हैं, इसलिए उनका बाहर आना सुरक्षा की दृष्टि से बेहद जोखिम भरा है।
वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को अमेरिकी मीडिया ‘एक्सियोस’ को दिए इंटरव्यू में ईरान के ताजा घटनाक्रम पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि वे सब वहीं हैं। उन्होंने कहा था कि एक गोली और हम उन सबको खत्म कर सकते हैं, लेकिन हम ऐसा नहीं करने जा रहे हैं।
FAQ:
Q1: मोजतबा खामेनेई को ईरान का नया सुप्रीम लीडर कब चुना गया था?
A1: पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के लगभग 10 दिन बाद, 8 मार्च को मोजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर चुना गया था।
Q2: मोजतबा खामेनेई के गंभीर रूप से घायल होने को लेकर रॉयटर्स की रिपोर्ट में क्या दावा किया गया था?
A2: रॉयटर्स की 11 अप्रैल की रिपोर्ट के अनुसार, 28 फरवरी के अमेरिकी-इजरायली हमले में मोजतबा बुरी तरह घायल हो गए थे, जिससे उनका चेहरा बिगड़ गया था और संभवतः उनका एक पैर भी कट गया था। हालांकि, वे मानसिक रूप से सचेत हैं और बैठकों में हिस्सा ले रहे हैं।
Q3: ईरान के अनुसार मोजतबा खामेनेई अपने पिता के जनाजे में क्यों शामिल नहीं हुए?
A3: ईरान का दावा है कि सुरक्षा कारणों और इजरायली हमले के खतरे के चलते मोजतबा इस जनाजे में शामिल नहीं हुए, क्योंकि नए सुप्रीम लीडर बनने के बाद वे इजरायल के सबसे बड़े टारगेट में से एक हैं।













