• About Us
  • Contact Us
  • Disclaimer
  • Editorial Policy
  • Join Whatsapp and Telegram group
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
  • Terms of Service
Sunday, June 28, 2026
  • Login
jansandeshonline hindi news
  • Home
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • खेल
  • जॉब
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • Viral खबरें
  • अध्यात्म
  • एजुकेशन
  • ऑटो
  • टेक Gyan
  • प्रदेश खबरें
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • दिल्ली
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • महाराष्ट्र
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • अरुणाचल प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • हरियाणा
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • हिमाचल प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • जम्मू और कश्मीर
    • झारखंड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • नागालैंड
    • मणिपुर
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • सिक्किम
  • लाइफस्टाइल
No Result
View All Result
  • Home
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • खेल
  • जॉब
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • Viral खबरें
  • अध्यात्म
  • एजुकेशन
  • ऑटो
  • टेक Gyan
  • प्रदेश खबरें
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • दिल्ली
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • महाराष्ट्र
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • अरुणाचल प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • हरियाणा
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • हिमाचल प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • जम्मू और कश्मीर
    • झारखंड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • नागालैंड
    • मणिपुर
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • सिक्किम
  • लाइफस्टाइल
No Result
View All Result
jansandeshonline hindi news
No Result
View All Result
Home बिजनेस

Personal Finance: यूपीआई पर भरोसा कायम, फिर भी घर में क्यों कैश जमा कर रहा है आम आदमी? पढ़ें एक्सपर्ट्स की राय

Mayank Gaur by Mayank Gaur
June 28, 2026
in बिजनेस
0
Personal Finance: यूपीआई पर भरोसा कायम, फिर भी घर में क्यों कैश जमा कर रहा है आम आदमी? पढ़ें एक्सपर्ट्स की राय
0
SHARES
3
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

Personal Finance: आज के समय में हम चाय की टपरी से लेकर बड़े-बड़े मॉल तक, हर जगह पेमेंट के लिए अपना मोबाइल निकालते हैं और क्यूआर कोड (QR Code) स्कैन कर देते हैं। ऐसा लगता है जैसे हमारी जेबों से कैश बिल्कुल गायब सा हो गया है। लेकिन, हाल ही में भारतीय अर्थव्यवस्था और लोगों की आदतों को लेकर एक बहुत ही चौंकाने वाला ट्रेंड सामने आया है।

बाजार के जानकारों ने गौर किया है कि देश में लोग अब अपने घरों में पहले के मुकाबले ज्यादा कैश (Cash Holdings) रखने लगे हैं। मजे की बात यह है कि लोग 500 रुपये के बड़े नोट नहीं, बल्कि 100 और 200 रुपये के छोटे नोटों को अपनी अलमारी और गुल्लक में सहेज रहे हैं। अब सवाल यह उठता है कि जब फोन से ही सारे काम हो रहे हैं, तो लोग अचानक छोटे नोट क्यों जमा करने लगे हैं? क्या बाजार में इन नोटों की कमी होने वाली है? आइए, एक दोस्त की तरह बिल्कुल आसान भाषा में समझते हैं कि इस नए ‘कैश ट्रेंड’ के पीछे की असली कहानी क्या है।

क्या है 100 और 200 रुपये के नोटों का नया ट्रेंड?

अगर हम कुछ साल पीछे जाएं, तो लोगों को बड़े नोट (जैसे 500 या 2000 के नोट) जमा करने का शौक होता था। लेकिन अब चलन बदल गया है। लोगों को समझ आ गया है कि रोजमर्रा के छोटे-मोटे खर्चों, जैसे- सब्जी वाले को देना, दूध वाले का हिसाब करना या किसी इमरजेंसी में छोटी पेमेंट करने के लिए 100 और 200 रुपये के नोट सबसे ज्यादा काम आते हैं। इसलिए, मिडिल क्लास परिवारों में अब इन छोटे नोटों की गड्डियां इमरजेंसी फंड के तौर पर रखी जाने लगी हैं।

Also Read

8th Pay Commission: फिटमेंट फैक्टर बदलते ही कैसे छप्परफाड़ बढ़ेगी आपकी सैलरी और HRA? आसान भाषा में समझें

8th Pay Commission: फिटमेंट फैक्टर बदलते ही कैसे छप्परफाड़ बढ़ेगी आपकी सैलरी और HRA? आसान भाषा में समझें

June 28, 2026
EPF Withdrawal Rules: अब UPI और ATM से झटपट निकलेगा पीएफ का पैसा, जानें EPFO का नया प्लान

EPF Withdrawal Rules: अब UPI और ATM से झटपट निकलेगा पीएफ का पैसा, जानें EPFO का नया प्लान

June 28, 2026

आखिर घर में कैश क्यों जमा कर रहे हैं लोग? (दो बड़ी वजहें)

अर्थशास्त्रियों (एक्सपर्ट्स) और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लोगों की इस बदलती आदत के पीछे मुख्य रूप से दो बड़ी वजहें हैं:

1. दुनिया भर में मची उथल-पुथल (ग्लोबल अनिश्चितता)
इन दिनों आप न्यूज़ में देख ही रहे होंगे कि पश्चिम एशिया (Middle East) समेत दुनिया के कई हिस्सों में युद्ध और तनाव का माहौल है। जब भी दुनिया में ऐसा कोई भू-राजनीतिक (Geopolitical) संकट आता है, तो उसका असर हर देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। ऐसे अनिश्चितता वाले माहौल में एक आम इंसान को लगता है कि “बुरे वक्त में कैश ही सबसे बड़ा साथी होता है।” इसलिए, सुरक्षा के लिहाज से लोग अपने पास कुछ नकद पैसा रखना पसंद कर रहे हैं।

2. कोविड-19 का डरावना अनुभव (पोस्ट-कोविड अलर्टनेस)
कोरोना महामारी के दौरान लगे लॉकडाउन ने हम सभी को बहुत कुछ सिखाया है। उस वक्त कई बार ऐसा हुआ कि एटीएम (ATM) खाली हो गए थे या इंटरनेट सर्वर डाउन होने की वजह से ऑनलाइन पेमेंट नहीं हो पा रहे थे।
उस मुश्किल दौर में जिन लोगों के पास घर में कैश था, उन्हें राशन और दवाइयां खरीदने में आसानी हुई। मीडिया रिपोर्ट्स बताती हैं कि कोविड के बाद से ही लोगों में ‘एहतियात के तौर पर’ (Precautionary motive) कैश रखने की आदत सबसे तेजी से बढ़ी है। लोग अब पहले से ज्यादा अलर्ट हो गए हैं।

क्या यूपीआई (UPI) और डिजिटल पेमेंट से भरोसा उठ गया है?

बिल्कुल नहीं! अगर आपको लग रहा है कि लोग कैश इसलिए रख रहे हैं क्योंकि उनका बैंकिंग सिस्टम या डिजिटल पेमेंट (UPI) से भरोसा उठ गया है, तो आप गलत सोच रहे हैं।

भारत में यूपीआई ट्रांजैक्शन आज भी हर महीने नए रिकॉर्ड तोड़ रहा है। लोग आज भी 90 प्रतिशत पेमेंट ऑनलाइन ही कर रहे हैं। बस फर्क इतना आया है कि लोग अपनी पूरी कमाई बैंक में रखने के बजाय, उसका एक छोटा सा हिस्सा (जैसे 5-10 हजार रुपये) 100 और 200 के नोटों के रूप में घर की अलमारी में ‘बैकअप प्लान’ की तरह रख रहे हैं। यह एक समझदारी भरा वित्तीय कदम (Financial step) है।

क्या सच में बाजार में छोटे नोटों की कमी हो गई है?

जब किसी चीज की मांग बढ़ती है, तो अक्सर अफवाह उड़ने लगती है कि बाजार में उस चीज की कमी हो गई है। 100 और 200 के नोटों को लेकर भी कुछ ऐसी ही चर्चा है।

लेकिन हम आपको साफ कर दें कि इसका सीधा जवाब है— नहीं!
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और हमारे बैंकिंग सिस्टम के पास 100 और 200 रुपये के नोटों की भरपूर मात्रा है। इन नोटों की कोई ‘आधिकारिक कमी’ (Official Shortage) नहीं है। बस हो यह रहा है कि लोग जब बैंक या एटीएम से ये नोट निकाल रहे हैं, तो वे इन्हें बाजार में वापस खर्च करने (सर्कुलेशन) के बजाय घर में जमा कर रहे हैं। इसी वजह से ऐसा लग रहा है कि नोटों की मांग बढ़ गई है।

कुल मिलाकर बात यह है कि घर में 100 और 200 रुपये के नोट रखना किसी घबराहट या आर्थिक मंदी का संकेत नहीं है। यह सिर्फ भारतीय परिवारों की उस पुरानी आदत की वापसी है, जहां हमारी माताएं-दादियां बुरे वक्त के लिए चावल के डिब्बे या साड़ियों के बीच कुछ पैसे छिपाकर रखती थीं। इमरजेंसी के लिए घर में थोड़ा कैश होना एक अच्छी आदत है, लेकिन इसके लिए पैनिक (घबराने) करने या बहुत ज्यादा कैश डंप करने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि हमारा बैंकिंग सिस्टम पूरी तरह से सुरक्षित और मजबूत है।


ShareTweetPin
Mayank Gaur

Mayank Gaur

Related Posts

8th Pay Commission: फिटमेंट फैक्टर बदलते ही कैसे छप्परफाड़ बढ़ेगी आपकी सैलरी और HRA? आसान भाषा में समझें

8th Pay Commission: फिटमेंट फैक्टर बदलते ही कैसे छप्परफाड़ बढ़ेगी आपकी सैलरी और HRA? आसान भाषा में समझें

by Mehul Pandey
June 28, 2026
0

8th Pay Commission: अगर आप या आपके परिवार का कोई सदस्य केंद्र सरकार में नौकरी करता है या फिर पेंशनर...

EPF Withdrawal Rules: अब UPI और ATM से झटपट निकलेगा पीएफ का पैसा, जानें EPFO का नया प्लान

EPF Withdrawal Rules: अब UPI और ATM से झटपट निकलेगा पीएफ का पैसा, जानें EPFO का नया प्लान

by Mayank Gaur
June 28, 2026
0

EPF Withdrawal Rules: अगर आप भी किसी प्राइवेट या सरकारी कंपनी में काम करते हैं और हर महीने आपकी सैलरी...

Biofuel vs Water Crisis: चावल से एथेनॉल बनाना क्यों है भारत के भूजल के लिए खतरे की घंटी?

Biofuel vs Water Crisis: चावल से एथेनॉल बनाना क्यों है भारत के भूजल के लिए खतरे की घंटी?

by Priyanshi Singh
June 16, 2026
0

Biofuel vs Water Crisis: आज जब भी हम पेट्रोल पंप पर जाते हैं, तो हमें 'एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल' (Ethanol Blended...

US AI ban impact on India: क्या अमेरिका के AI नियमों से भारत में बढ़ेंगी नौकरियां? पढ़ें टेक वर्ल्ड की सबसे बड़ी इनसाइड स्टोरी

US AI ban impact on India: क्या अमेरिका के AI नियमों से भारत में बढ़ेंगी नौकरियां? पढ़ें टेक वर्ल्ड की सबसे बड़ी इनसाइड स्टोरी

by Priyanshi Singh
June 15, 2026
0

US AI ban impact on India: आज के समय में जिधर देखो उधर सिर्फ एक ही शब्द की चर्चा है—...

Economic News: कच्चे तेल की आग से 9.68% पर पहुंची थोक महंगाई, RBI ने भी बढ़ाया अपना अनुमान

Economic News: कच्चे तेल की आग से 9.68% पर पहुंची थोक महंगाई, RBI ने भी बढ़ाया अपना अनुमान

by Kavita Kelkar
June 15, 2026
0

Economic News: जब भी हम महीने की शुरुआत में घर का राशन लाते हैं या अपनी गाड़ी में पेट्रोल भरवाते...

Next Post
Democracy in India: 'इंदिरा इज इंडिया' से लेकर आज के बड़े होर्डिंग्स तक... चापलूसी का नया दौर और मीडिया का सच

Democracy in India: 'इंदिरा इज इंडिया' से लेकर आज के बड़े होर्डिंग्स तक... चापलूसी का नया दौर और मीडिया का सच

Resignation Psychology: चंपत राय का डिलेड रेजिग्नेशन हो या नीट विवाद... जानें सत्ता और नैतिकता के बीच क्यों फंसा है 'इस्तीफा'

Resignation Psychology: चंपत राय का डिलेड रेजिग्नेशन हो या नीट विवाद... जानें सत्ता और नैतिकता के बीच क्यों फंसा है 'इस्तीफा'

RECOMMENDED

Akhilesh Yadav in Azamgarh: 'सरकार खुद मान रही है छेड़छाड़ हुई', चढ़ावा चोरी पर सपा प्रमुख का सीधा वार

Akhilesh Yadav in Azamgarh: ‘सरकार खुद मान रही है छेड़छाड़ हुई’, चढ़ावा चोरी पर सपा प्रमुख का सीधा वार

June 28, 2026
Resignation Psychology: चंपत राय का डिलेड रेजिग्नेशन हो या नीट विवाद... जानें सत्ता और नैतिकता के बीच क्यों फंसा है 'इस्तीफा'

Resignation Psychology: चंपत राय का डिलेड रेजिग्नेशन हो या नीट विवाद… जानें सत्ता और नैतिकता के बीच क्यों फंसा है ‘इस्तीफा’

June 28, 2026

    MOST VIEWED

    • UP Election 2027: अखिलेश यादव के 'PDA' में हुई इस नई एंट्री ने बढ़ाई BJP और राजभर की टेंशन

      UP Election 2027: अखिलेश यादव के ‘PDA’ में हुई इस नई एंट्री ने बढ़ाई BJP और राजभर की टेंशन

      0 shares
      Share 0 Tweet 0
    • Pakistan Water Crisis: 21% पानी की कमी से लेकर 99% डैम फुल होने तक की पूरी कहानी, लेकिन असली खतरा अभी बाकी है

      0 shares
      Share 0 Tweet 0
    • Cabinet Expansion News: महाराष्ट्र और बंगाल के नेताओं की लगेगी लॉटरी, श्रीकांत शिंदे बन सकते हैं कैबिनेट मंत्री

      0 shares
      Share 0 Tweet 0
    • Ram Mandir Controversy: अफवाह या हकीकत? कागभुसुंडि की मूर्ति गायब होने से लेकर चंपत राय के इस्तीफे तक, जानिए अयोध्या में चल क्या रहा है

      0 shares
      Share 0 Tweet 0
    • IPL 2026 Final RCB vs GT : पहले गेंदबाजी का फैसला; सुनील गावस्कर ने फाइनल मैच को लेकर जताई आपत्ति

      0 shares
      Share 0 Tweet 0
    Jansandeshonline

    Jan Sandesh Online is India’s fastest growing News Portal with over 150+ news each day. We cover all major hindi news ranging from National news to International news. Our team constantly publishes latest news to keep you updated.

    • About Us
    • Contact Us
    • Disclaimer
    • Editorial Policy
    • Join Whatsapp and Telegram group
    • Privacy Policy
    • Terms and Conditions
    • Terms of Service
    Akhilesh Yadav in Azamgarh: 'सरकार खुद मान रही है छेड़छाड़ हुई', चढ़ावा चोरी पर सपा प्रमुख का सीधा वार

    Akhilesh Yadav in Azamgarh: ‘सरकार खुद मान रही है छेड़छाड़ हुई’, चढ़ावा चोरी पर सपा प्रमुख का सीधा वार

    June 28, 2026
    Resignation Psychology: चंपत राय का डिलेड रेजिग्नेशन हो या नीट विवाद... जानें सत्ता और नैतिकता के बीच क्यों फंसा है 'इस्तीफा'

    Resignation Psychology: चंपत राय का डिलेड रेजिग्नेशन हो या नीट विवाद… जानें सत्ता और नैतिकता के बीच क्यों फंसा है ‘इस्तीफा’

    June 28, 2026
    Democracy in India: 'इंदिरा इज इंडिया' से लेकर आज के बड़े होर्डिंग्स तक... चापलूसी का नया दौर और मीडिया का सच

    Democracy in India: ‘इंदिरा इज इंडिया’ से लेकर आज के बड़े होर्डिंग्स तक… चापलूसी का नया दौर और मीडिया का सच

    June 28, 2026
    • About Us
    • Contact Us
    • Disclaimer
    • Editorial Policy
    • Join Whatsapp and Telegram group
    • Privacy Policy
    • Terms and Conditions
    • Terms of Service

    © 2026 Jansandesh Online - All Rights Reserved.

    Welcome Back!

    Login to your account below

    Forgotten Password?

    Retrieve your password

    Please enter your username or email address to reset your password.

    Log In
    No Result
    View All Result
    • Home
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • खेल
    • जॉब
    • बिजनेस
    • मनोरंजन
    • Viral खबरें
    • अध्यात्म
    • एजुकेशन
    • ऑटो
    • टेक Gyan
    • प्रदेश खबरें
      • उत्तर प्रदेश
      • उत्तराखंड
      • दिल्ली
      • पंजाब
      • पश्चिम बंगाल
      • बिहार
      • महाराष्ट्र
      • छत्तीसगढ़
      • राजस्थान
      • अरुणाचल प्रदेश
      • मध्य प्रदेश
      • हरियाणा
      • असम
      • आंध्र प्रदेश
      • हिमाचल प्रदेश
      • ओडिशा
      • कर्नाटक
      • केरल
      • गुजरात
      • गोवा
      • जम्मू और कश्मीर
      • झारखंड
      • तमिलनाडु
      • तेलंगाना
      • त्रिपुरा
      • नागालैंड
      • मणिपुर
      • मिजोरम
      • मेघालय
      • सिक्किम
    • लाइफस्टाइल

    © 2026 Jansandesh Online - All Rights Reserved.