World’s Richest Cities: जब भी ‘अमीरी’ और ‘लग्जरी’ की बात होती है, तो हमारे दिमाग में सबसे पहले कौन से शहरों के नाम आते हैं? शायद लंदन, पेरिस या दुबई। फिल्मों और कहानियों ने हमारी सोच कुछ ऐसी ही बना दी है। लेकिन, अगर हम आपसे कहें कि अब अमीरी का भूगोल पूरी तरह से बदल गया है और हमारा अपना शहर ‘मुंबई’ दुनिया के सबसे शानदार शहरों को पछाड़कर आगे निकल गया है, तो क्या आप यकीन करेंगे?
जी हां, हाल ही में ‘ग्लोबल रिच लिस्ट’ (Global Rich List) के ताजा आंकड़े सामने आए हैं। इन आंकड़ों ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है। इस लिस्ट में बताया गया है कि दुनिया में सबसे ज्यादा अरबपति (Billionaires) किन शहरों में रहते हैं। इस बार भारत ने जो छलांग लगाई है, वह वाकई हर भारतीय के लिए गर्व की बात है। आइए, एक दोस्त की तरह बिल्कुल आसान भाषा में समझते हैं कि दुनिया के सबसे अमीर शहर कौन से हैं और इस लिस्ट में भारत का क्या हाल है।
दुनिया का सबसे अमीर शहर कौन सा है? (टॉप 4 के नाम)
अगर हम बात करें कि दुनिया में सबसे ज्यादा अरबपतियों का घर कौन सा शहर है, तो अमेरिका का ‘न्यूयॉर्क’ (New York) आज भी नंबर वन की कुर्सी पर बैठा है।
नंबर 1: न्यूयॉर्क में इस वक्त सबसे ज्यादा 129 अरबपति रहते हैं।
नंबर 2: इसके बाद दूसरे पायदान पर ब्रिटेन की राजधानी लंदन का नाम है, जहां 97 अरबपति रहते हैं।
नंबर 3 और 4: इसके बाद चीन का दबदबा देखने को मिलता है। चीन का मशहूर शहर शंघाई 92 अरबपतियों के साथ तीसरे और राजधानी बीजिंग 91 अरबपतियों के साथ चौथे नंबर पर मौजूद है।
मुंबई ने पेरिस को कैसे पछाड़ा? (5वें नंबर पर भारत)
अब आते हैं उस खबर पर जिसने सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरी हैं। दुनिया के टॉप-5 अमीर शहरों की लिस्ट में भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई (Mumbai) ने अपनी जगह बना ली है।
ताजा आंकड़ों के मुताबिक, मुंबई में इस समय 90 अरबपति रहते हैं। इसी के साथ मुंबई ने दुनिया की फैशन कैपिटल कहे जाने वाले ‘पेरिस’ (Paris) को न सिर्फ पछाड़ा है, बल्कि उसे टॉप-10 की लिस्ट से भी बाहर का रास्ता दिखा दिया है।
शुरू से ही मुंबई को भारत का आर्थिक इंजन (Economic Engine) कहा जाता है। लेकिन अब इसने एक ‘ग्लोबल फाइनेंशियल हब’ के तौर पर अपनी मजबूत पहचान बना ली है। देश का सबसे बड़ा शेयर बाजार (BSE/NSE), रिलायंस और टाटा जैसे सबसे बड़े कॉर्पोरेट घराने, और तमाम बड़े सरकारी व प्राइवेट बैंकों के हेडक्वार्टर इसी शहर से चलते हैं। यही वजह है कि मुंबई में इतनी ज्यादा दौलत है।
मुंबई और पेरिस की तुलना: क्या है असली अंतर?
पेरिस को हमेशा से यूरोप का सबसे बड़ा सांस्कृतिक केंद्र और फैशन की दुनिया का राजा माना जाता है। दुनिया के सबसे महंगे लग्जरी ब्रांड्स की जड़ें पेरिस में ही हैं। फिर भी वह मुंबई से पीछे क्यों रह गया?
अगर हम जनसंख्या (Population) और आकार की बात करें, तो मुंबई पेरिस के मुकाबले बहुत विशाल है।
साल 2011 की जनगणना के अनुसार, अकेले मुंबई नगर निगम की सीमा में करीब 1.25 करोड़ लोग रहते हैं।
वहीं दूसरी तरफ, पेरिस की मुख्य आबादी सिर्फ 21 लाख है और यह शहर केवल 105 वर्ग किलोमीटर के छोटे से दायरे में सिमटा हुआ है।
मुंबई का यही बड़ा आकार, यहां के लोगों की मेहनत और बिजनेस का माहौल इसे अरबपतियों की पहली पसंद बनाता है।
राजधानी दिल्ली भी नहीं है पीछे
अगर आपको लग रहा है कि इस लिस्ट में सिर्फ मुंबई का नाम है, तो ऐसा नहीं है। हमारी राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली (Delhi) ने भी टॉप-10 अमीर शहरों की लिस्ट में अपनी धाकड़ एंट्री मार ली है।
आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में इस वक्त 63 अरबपति रह रहे हैं। दिल्ली हमेशा से व्यापार, राजनीति और स्टार्टअप्स का एक बड़ा केंद्र रही है, और यह आंकड़ा उसी ग्रोथ का नतीजा है।
इस नए बदलाव का हमारे लिए क्या मतलब है?
तो दोस्तों, इस ‘ग्लोबल रिच लिस्ट’ से एक बात तो बिल्कुल शीशे की तरह साफ हो गई है— पैसा और पावर अब पश्चिम (अमेरिका/यूरोप) से खिसक कर एशिया (भारत/चीन) की तरफ आ रहा है। मुंबई और दिल्ली का इस लिस्ट में शामिल होना दिखाता है कि भारत की अर्थव्यवस्था (Economy) कितनी तेजी से आगे बढ़ रही है। भले ही हमारे देश में आज भी कई चुनौतियां हों, लेकिन बिजनेस और निवेश के मामले में भारत अब दुनिया के दिग्गजों को सीधी टक्कर दे रहा है।













